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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट करेंगी पेश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेंगी। सीतारमण ने बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। इससे पहले सीतारमण परंपरा तोड़ते हुए ब्रीफकेस की जगह एक फोल्डर में बजट लेकर निकलीं।

अब तक वित्त मंत्री एक ब्रीफकेस में ही बजट लेकर संसद पहुंचते थे। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ने फोल्डर में बजट ले जाने पर कहा कि यह भारतीय परंपरा है। यह पश्चिमी मानसिकता की गुलामी से बाहर आने का प्रतीक है।

इसे आप बजट नहीं बल्कि बही खाता कह सकते हैं। फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह सिर्फ ट्रेलर है। इसलिए, पूर्ण बजट से जनता को कई उम्मीदें हैं।

अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक इनकम टैक्स में राहत देने समेत आम आदमी से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की जा सकती हैं। निर्मला सीतारमण का यह पहला बजट होगा। वहीं, 49 साल बाद कोई महिला वित्त मंत्री बजट पेश करेंगी। निर्मला से पहले 1970 में इंदिरा गांधी ने बजट पेश किया था।

बजट में संभावित ऐलान:– इनकम टैक्स स्लैब3 लाख या 5 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री करते हुए स्लैब बदले जा सकते हैं। अंतरिम बजट में सरकार ने 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स में रिबेट का ऐलान किया था। अब इसे पूरी तरह टैक्स के दायरे से बाहर किया जा सकता है। पिछली बार टैक्स स्लैब में बदलाव 2014 में किया गया था।

80 सी के डिडक्शनइसके तहत निवेश पर डिडक्शन की लिमिट 1.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए की जा सकती है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि सरकार ऐसा करती है तो हो सकता है कि टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं करे।

एनपीएसएनपीएस से रकम निकासी पूरी तरह टैक्स फ्री की जा सकती है। सरकार ने पिछले साल इसकी मंजूरी दी थी लेकिन, नोटिफाई नहीं किया। बजट में इसका ऐलान किया जा सकता है। फिलहाल, निकासी की 20% राशि पर टैक्स लगता है।

हाउसिंगपहला घर खरीदने वालों के लिए टैक्स छूट के नए ऐलान किए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सब्सिडी की स्कीम 31 मार्च 2020 से आगे बढ़ाने के आसार हैं। इस योजना के तहत पहली बार घर खरीदने वालों को लोन के ब्याज पर 2.6 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है।

हेल्थकेयरमेडिक्लेम इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम भुगतान पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल यह 25,000 रुपए है। सीनियर सिटीजंस के लिए 30,000 रुपए तक के प्रीमियम भुगतान पर डिडक्शन मिलता है। 

सेविंगबजट में गोल्ड सेविंग अकाउंट का ऐलान किया जा सकता है। यह अकाउंट भी सामान्य खाते की तरह बैंकों की शाखाओं में खुलेगा। पिछले साल सितंबर में नीति आयोग ने वित्त मंत्रालय से गोल्ड सेविंग अकाउंट शुरू करने की सिफारिश की थी।

गोल्ड सेविंग अकाउंट की खासियत यह होगी कि बैंक में पैसे जमा करने पर पासबुक में रकम की बजाय सोने की मात्रा की एंट्री होगी। जरूरत के हिसाब से ग्राहक सोना या फिर पैसा निकाल सकेंगे।

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