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साधारण प्रकृति के प्रकरण न्यायालयों से होंगे वापस: प्रभारी कलेक्टर

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बैकुण्ठपुर:प्रकरणों के परीक्षण के लिए न्यायालयवार उप समितियां हुयी गठित

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन साधारण प्रकृति के प्रकरणों को न्यायालयीन कार्यवाही, शासकीय कार्यवाही और जनहित में अच्छे परिणाम मिलने के उद्देष्य से न्यायालयों से वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इसी परिपेक्ष्य में आज यहां जिला कार्यालय के सभाकक्ष में प्रभारी कलेक्टर डॉ. बसवराजु एस. की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक मे पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक पाठक, अपर कलेक्टर श्री धर्मेष साहू, जिला लोक अभियोजक श्री एम.आर.धु्रव, जिला आबकारी अधिकारी श्री बिंझवार तथा जिला परिवहन अधिकारी श्री एस.के.कंवर उपस्थित रहे।

प्रभारी कलेक्टर डॉ. बसवराजु ने कहा कि राज्य शासन के निर्देषानुसार साधारण प्रकृति के प्रकरणों को न्यायालयों से वापस लेने के लिए जिले में न्यायालयवार एक उप समितियां भी गठित की जाएंगी। जिसमें संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, सरकारी अधिवक्ताओं सहित आबकारी और परिवहन विभाग के जिला अधिकारी शामिल होंगे। ये समितियां प्रत्येक दस दिन में न्यायालयवार प्रकरणों की समीक्षा कर वापस लेने योग्य प्रकरणों को जिला स्तरीय समिति को प्रेषित करेगी। जिला स्तरीय समिति इन प्रकरणों पर विचार कर उसे अनुषंसा के लिए जिले के प्रभारी मंत्री को प्रेषित करेगी। प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि जिन मामलों में फरियादी या पीड़ित पक्ष, पक्षद्रोही हो गये हो ऐसे मामलों को वापस लेने की अनुषंसा उप समितियां आवष्यक रूप से करेगी साथ ही जिन प्रकरणों में अभियोजन साक्ष्य सामाप्त हो चुके हो उन प्रकरणों के वापस लेने की अनुषंसा समिति नही करेगी।

काउन्टर वाले मामलों में यदि दोनों मामले वापस लिए जाने योग्य हो तो ही दोनो प्रकरणों को वापस लिए जाने की अनुषंसा की जायेगी। उन्होंने कहा कि समिति विचार करते समय न्यायालयों द्वारा विरचित आरोपों अथवा अपराध विवरणों की धाराओं पर ही विचार करेगी। जिन मामलों में आरोप या अपराध विवरण विरचित नही किए गए हो उन मामलों में अभियोग पत्र में दर्षित धाराओं के अनुसार ही समिति प्रकरणों के वापसी के संबंध में विचार करेगी। सामान्यतः महिलाएं और बच्चों के प्रति किए गए क्रुरता के प्रकरणों में वापसी पर विचार नही किया जाएगा। इसी तरह आबकारी, मोटरयान और आयुध अधिनियम के तहत राज्य शासन के द्वारा जारी निर्देषानुसार सामान्य प्रकृति के मामलों पर समिति विचार करेगी।

डी. सी . बघेल

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